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सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 153AA

repealed

Punishment for knowingly carrying arms in any procession or organising or holding or taking part in any mass drill or mass training with arms

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह धारा 1969 में भारतीय दंड संहिता में जोड़ी गई थी, जब सांप्रदायिक तनाव और विभिन्न समूहों द्वारा संगठित सशस्त्र मार्च तथा मिलिशिया-शैली के अभ्यास बढ़ रहे थे। विधायकों ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144A के अंतर्गत उपलब्ध रोकथामकारी शक्ति को प्रभावी समर्थन देने के लिए एक लक्षित आपराधिक प्रावधान चाहा, जो मजिस्ट्रेटों को सार्वजनिक अव्यवस्था या सांप्रदायिक हिंसा की आशंका होने पर सशस्त्र जुलूसों या सामूहिक अभ्यासों पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है। किसी विशिष्ट दंडात्मक परिणाम के बिना, ऐसे निषेधाज्ञा आदेश प्रभावहीन रह जाते। धारा 153AA इस प्रतिबंध को उल्लंघन को अपराध बनाकर कानूनी बल देती है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: इस धारा के तहत किसी भी जुलूस में हथियार ले जाना हमेशा अवैध है।

    तथ्य: यह धारा तभी लागू होती है जब दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144A के तहत इस तरह की गतिविधि पर विशेष सार्वजनिक सूचना या आदेश द्वारा प्रतिबंध लगा हो; ऐसे आदेश के बिना, यह विशेष प्रावधान लागू नहीं होता।

  • मिथक: इस क़ानून के अंतर्गत दंडित होने के लिए आपके द्वारा वास्तविक हिंसा या अव्यवस्था पैदा करना आवश्यक है।

    तथ्य: क़ानून आदेश के उल्लंघन में जानबूझकर हथियार लेकर चलने या सशस्त्र ड्रिल आयोजित करने के कृत्य को ही अपराध ठहराता है, भले ही वास्तव में अव्यवस्था हुई हो या नहीं।