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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 516

Exclusion of time in certain cases

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

कठोर समय-सीमा अपराधियों को अनुचित लाभ दे सकती है—जैसे देश छोड़कर भाग जाना, गिरफ्तारी से बचने को छिप जाना, या ऐसी प्रक्रियागत बाधाओं (जैसे आवश्यक सरकारी स्वीकृति या अभियोजन पर लगी निषेधाज्ञा) का फ़ायदा उठाना—जो पीड़ित की गलती नहीं हैं। यह प्रावधान ऐसे अवधियों में घड़ी को रोक देता है ताकि सीमाबद्धता वास्तव में उपलब्ध अभियोजन-समय को दर्शाए, न कि विधिक अड़चनों या अपराधी की टालमटोल हरकतों से उपजे विलंब को। यह पुराने दंप्रसं (CrPC) की धारा 470 के अनुरूप है।

न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं

समकक्ष दंप्रसं (CrPC) प्रावधान लागू करते हुए न्यायालयों ने कहा है कि पूर्ववर्ती सद्भावनापूर्ण अभियोजन के लिए छूट तभी मिलेगी जब वास्तविक सद्भावना और पूर्व कार्यवाही में अधिकार-क्षेत्र या वैसा ही कोई असली दोष सिद्ध हो; और फरारी में बीता समय केवल देर से अनुमानित नहीं, बल्कि साक्ष्य से स्पष्ट रूप से स्थापित होना चाहिए।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यदि अपराधी सिर्फ इतना करे कि वह काफी समय तक छिपा रहे या देश से भाग जाए, तो मामला अपने-आप समय-सीमा से बाहर हो जाता है।

    तथ्य: फरारी, छिपने या विदेश में रहने में बीता समय सीमाबद्धता की गणना से बाहर रहता है, इसलिए विलंब के जरिए अभियोजन से बचने में यह अपराधी की मदद नहीं करता।