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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 413

No appeal to lie unless otherwise provided

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह मूल नियम—कि अपील का अधिकार तभी है जब कानून उसे स्पष्ट रूप से दे—हर आदेश पर अंतहीन वाद-विवाद को रोकने के लिए है। परंतु यह धारा एक महत्वपूर्ण पीड़ित-अधिकार सुरक्षा जोड़ती है: पहले, यदि अभियोजक बरी होने या हल्की दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील न करे, तो पीड़ित के पास सीधा हस्तक्षेप करने की गुंजाइश कम होती थी। यह उपबंध, जो दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) में 2008 के संशोधन से आया और यहां भी बना हुआ है, इन विशिष्ट परिस्थितियों में स्वयं पीड़ित को अपील करने का वैधानिक आधार देता है, यह मान्यता देते हुए कि परिणाम में उनका सीधा हित है जो केवल राज्य के विवेक पर निर्भर नहीं होना चाहिए।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: केवल सरकार (लोक अभियोजक) ही बरी होने के विरुद्ध अपील कर सकती है।

    तथ्य: अब पीड़ित के पास स्वतंत्र अधिकार है कि वह बरी होने, कम गंभीर अपराध में दोषसिद्धि, या अपर्याप्त क्षतिपूर्ति के विरुद्ध अपील करे—भले ही लोक अभियोजक अपील न करे।