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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 405

Judgment when to be translated

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

भारत में अनेक भाषाएँ प्रचलित हैं, और कभी‑कभी निर्णय उस स्थानीय/जनभाषा में दर्ज होते हैं जो उस न्यायालय या अपीलीय न्यायालयों की औपचारिक भाषा से अलग होती है। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि आवश्यकता पड़ने पर दोनों पक्षों और किसी भी पुनरीक्षण/अपीलीय न्यायालय को शुद्ध अनुवाद उपलब्ध हो, ताकि भाषा का अंतर किसी निर्णय को समझने या उसे चुनौती देने में बाधा न बने। यह दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 364 को आगे बढ़ाता है।