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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 365

Conviction or commitment on evidence partly recorded by one Magistrate and partly by

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट व्यावहारिक कारणों से बदले जाते हैं, पदोन्नत होते हैं, सेवानिवृत्त होते हैं, या बीच में ही किसी मामले से हट जाते हैं। इस प्रावधान के बिना, हर ऐसे परिवर्तन पर मुकदमे को फिर से शुरू करना पड़ता, जिससे भारी समय नष्ट होता और गवाहों को बार‑बार गवाही देकर आघात फिर से झेलना पड़ता। यह धारा उत्तराधिकारी को अपने पूर्ववर्ती द्वारा बनाए गए अभिलेख पर भरोसा करने देती है, और साथ ही आवश्यक होने पर गवाहों को पुनः बुलाने की शक्ति देकर निष्पक्षता भी सुरक्षित रखती है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कथन गलत है: कोई नया न्यायाधीश मामला संभालते समय हमेशा पूरे मुकदमे को शुरू से नहीं कराता/कराती।

    तथ्य: यह प्रावधान विशेष रूप से उत्तराधिकारी न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट को अपने पूर्ववर्ती द्वारा दर्ज साक्ष्यों पर कार्य करने की अनुमति देता है, जिससे पूरा पुनरारंभ टल जाता है; अपवाद हैं संक्षिप्त सुनवाई और कुछ क्षेत्राधिकार‑सम्बंधी स्थानांतरण।