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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 362

Procedure when after commencement of inquiry or trial, Magistrate finds case should be

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

कुछ गंभीर अपराध विधि के अनुसार मजिस्ट्रेट के बजाय सत्र न्यायालय में ही विचारणीय होते हैं। यह उपबंध सुनिश्चित करता है कि यदि ऐसा कोई मामला भूलवश मजिस्ट्रेट स्तर पर चल रहा हो—संभव है कि साक्ष्य सामने आने पर ही उसकी वास्तविक गंभीरता स्पष्ट हुई हो—तो अंतिम निर्णय से पहले ही उसे सही, अधिक वरीय न्यायालय की ओर विधिवत मोड़ दिया जाए, जिससे आगे होने वाले विचारण की वैधता सुरक्षित रहे।