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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 315

Remarks respecting demeanour of witness

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

गवाह का लहजा, हिचकिचाहट या देह-भाषा—जिसे आचरण/व्यवहार (डिमीनर) कहा जाता है—उसकी गवाही की विश्वसनीयता पर असर डाल सकती है। दंड प्रक्रिया संहिता की पुरानी धारा 280 के इस प्रावधान का उद्देश्य यह है कि न्यायाधीश अपनी प्रत्यक्ष छापों को लिखित रूप में सुरक्षित रख सकें, क्योंकि बाद में उच्च न्यायालय केवल टाइप शुदा प्रतिलिपि पढ़ते समय गवाह को प्रत्यक्ष सुन-देख नहीं सकता।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: न्यायाधीश द्वारा लिखे गए आचरण/व्यवहार (डिमीनर) के नोट झूठ या सच्चाई का कड़ा, वस्तुनिष्ठ सबूत नहीं होते।

    तथ्य: ये टिप्पणियाँ न्यायाधीश के निजी अवलोकन हैं, जो विश्वसनीयता तौलने में सहायक होते हैं, पर अपने आप में निर्णायक प्रमाण नहीं हैं।