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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 287

Judgment in cases tried summarily

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

सारांश वाद शीघ्र होते हैं, परंतु निष्पक्षता की मांग है कि जब कोई व्यक्ति आरोप स्वीकार करने की बजाय उसका विरोध करे, तो कम से कम साक्ष्यों और निर्णय-तर्क का एक संक्षिप्त लिखित ब्यौरा अवश्य हो। इससे बाद में निर्णय को चुनौती देने की अभियुक्त की क्षमता सुरक्षित रहती है और प्रक्रिया, अपने संक्षिप्त रूप में भी, जवाबदेह बनी रहती है।