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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 269

Procedure where accused is not discharged

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह उस अपवादात्मक परिस्थिति का समाधान करता है जब शिकायत-आधारित वारंट वाद में औपचारिक आरोप तय होने से पहले ही अभियोजन साक्ष्य ले लिया गया था (अक्सर इसलिए कि मामला समंस वाद के रूप में शुरू हुआ और बाद में विधिवत आरोप आवश्यक मिला)। यह व्यवस्था अभियुक्त को केवल उन गवाहों से चुनिंदा जिरह करने देती है जिनकी उसे आवश्यकता लगती है, जबकि वास्तविक प्रयासों के बावजूद गवाह न मिलने पर मुकदमों को अनिश्चितकाल तक ठहरने से रोकती है। यह पुराने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 246 का प्रतिबिंब है।