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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 260

Procedure in cases instituted under sub-section (2) of section 222

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

धारा 222(2) कुछ गम्भीर शिकायतों को सीधे सत्र न्यायालय तक जाने देती है, बिना पहले मजिस्ट्रेट के पास गए; यह धारा सुनिश्चित करती है कि ऐसे मुकदमों में भी सुव्यवस्थित व निष्पक्ष वारंट-प्रकरण की प्रक्रिया अपनाई जाए और आवश्यकता पड़ने पर इन-कैमरा सुनवाई से कथित पीड़ित की गोपनीयता सुरक्षित रहे। इसका मुआवज़ा तंत्र निराधार व अविवेकी आरोपों को हतोत्साहित करता है, जबकि उच्च संवैधानिक पदाधिकारियों को ऐसी देयता से संरक्षित रखता है। यह पुराने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 237 के अनुरूप है।