Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023
धारा 255
Acquittal
If, after taking the evidence for the prosecution, examining the accused and hearing the prosecution and the defence on the point, the Judge considers that there is no evidence that the accused committed the offence, the Judge shall record an order of acquittal.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह स्वयं अभियोजन के दौरान लगा प्रारम्भिक सुरक्षा-वाल्व है—जब अभियोजन पक्ष अभियुक्त के विरुद्ध तनिक भी साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रहा हो, तो यह मुकदमे को अनावश्यक रूप से बचाव और अंतिम निर्णय तक घसीटने से रोक देता है। यह अभियुक्त को ऐसे मुकदमे में बचाव खड़ा करने के लिए मजबूर किए जाने से बचाता है, जिसका सिद्ध होना हुआ ही नहीं। यह पूर्व दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 232 का प्रतिबिंब है।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह कथन गलत है: दोषमुक्त ठहराए जाने से पहले अभियुक्त को हर बार बचाव प्रस्तुत करना आवश्यक नहीं होता।
तथ्य: यदि अभियोजन पक्ष अभियुक्त के विरुद्ध तनिक भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करता, तो न्यायाधीश को बिना बचाव की प्रतीक्षा किए तुरंत बरी करना चाहिए।