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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 355

Misconduct in public by a drunken person

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह एक लघु लोक-व्यवस्था संबंधी अपराध है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों में दूसरों को परेशान करने वाली नशे में की गई बदसलूकी अथवा अनधिकार प्रवेश को रोकना है, जबकि दंड हल्का रखा गया है — इसे गंभीर अपराध नहीं, बल्कि निम्न-स्तरीय उपद्रव के रूप में मानते हुए। ‘सामुदायिक सेवा’ (community service) को विकल्प के रूप में जोड़ना नये भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) में छोटे अपराधों के लिए दंड के रूप में सामुदायिक सेवा के व्यापक उपयोग को दर्शाता है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: सिर्फ़ सार्वजनिक स्थान पर नशे में होना इस धारा के तहत हमेशा अपराध है — यह कथन गलत है।

    तथ्य: इस अपराध के लिए आवश्यक है कि नशे में व्यक्ति या तो ऐसा आचरण करे जिससे अन्य लोग खिन्न हों, या ऐसे स्थान में प्रवेश करे जहाँ जाने का उसे अधिकार न हो — बिना किसी कदाचार के सिर्फ़ सार्वजनिक स्थान पर नशे में होना इसके दायरे में नहीं आता।