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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 309

Robbery

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

डकैती में संपत्ति-अपराध के रूप में चोरी या उगाही के तत्व तो होते ही हैं, पर उसके साथ तत्काल हिंसा या भयादोहन का अतिरिक्त तत्व जुड़ जाता है, जिससे यह अकेली चोरी या अकेली उगाही की तुलना में पीड़ितों के लिए अधिक खतरनाक हो जाती है। रात्रि में राजमार्ग पर की गई डकैती और कृत्य के दौरान चोट पहुँचाने पर अधिक कठोर दंड इसलिए है कि उन परिस्थितियों में पीड़ितों का जोखिम और असुरक्षा अधिक होती है।

न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं

अदालतें डकैती को साधारण चोरी या उगाही से अलग इस तरह पहचानती हैं कि आवश्यक है—हिंसा या भय ‘तत्क्षण’ हो, यानी उसी क्षण घटित हो रहा हो; और उगाही-आधारित डकैती में अपराधी का उस समय पीड़ित के साथ वास्तविक रूप से उपस्थित होना भी आवश्यक है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कहना गलत है कि डकैती और चोरी एक ही अपराध हैं और बस नाम अलग हैं।

    तथ्य: डकैती, चोरी या उगाही का विशेष रूप से उग्र (aggravated) रूप है, जिसमें अपराधी द्वारा तत्क्षण मृत्यु, चोट या बंधन पहुँचाना या उसकी धमकी देना अनिवार्य तत्व है—जो साधारण चोरी में आवश्यक नहीं होता।