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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 294

Sale, etc., of obscene books, etc

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह प्रावधान (पुराने IPC धारा 292 पर आधारित) शोषक या भ्रष्ट करने वाली सामग्री से जन-नैतिकता की रक्षा और दूसरी ओर सच्ची कलात्मक, वैज्ञानिक, साहित्यिक तथा धार्मिक अभिव्यक्ति की रक्षा—जिसमें पारंपरिक मंदिर कला और प्राचीन मूर्तिकला भी शामिल है, जो संदर्भ से काटकर देखने पर ‘अश्लील’ लग सकती है—इनके बीच संतुलन स्थापित करता है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: कोई भी निर्वस्त्र चित्र या यौन सामग्री अपने आप ‘अश्लील’ मानी जाती है और इस क़ानून के तहत अवैध है।

    तथ्य: क़ानून विशेष रूप से उस सामग्री की रक्षा करता है जिसमें वास्तविक कलात्मक, साहित्यिक, वैज्ञानिक या धार्मिक मूल्य हो, या जो संरक्षित प्राचीन स्मारकों और मंदिर कला का हिस्सा हो।