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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 272

Malignant act likely to spread infection of disease dangerous to life

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

जान-बूझकर या द्वेषवश खतरनाक रोग फैलाने की कोशिश को मात्र लापरवाही से अधिक दोषपूर्ण माना जाता है; इसलिए यह धारा, पुराने IPC धारा 270 की परंपरा को जारी रखते हुए, पिछली लापरवाही-आधारित व्यवस्था की तुलना में अधिकतम दंड को कड़ा रखती है। COVID-19 जैसे प्रकोपों के दौरान यह विशेष ध्यान में आई, जब ऐसी रिपोर्टें आईं कि कुछ लोग जानबूझकर, संक्रामक होने का ज्ञान होते हुए भी, द्वेष से दूसरे पर खांसते या थूकते थे।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह धारा और पिछली लापरवाही-आधारित धारा मूलतः एक ही अपराध नहीं हैं।

    तथ्य: यह धारा रोग के प्रसार के लिए दुर्भावनापूर्ण आशय को आवश्यक मानती है; इसी कारण इसका अधिकतम दंड (2 वर्ष) लापरवाही-आधारित धारा (6 माह) से अधिक है।