Skip to content
सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 268

Personation of assessor

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

मूल्यांकनकर्ता (assessor) वे सामान्य नागरिक होते हैं जो कुछ मुकदमों में न्यायाधीश की सहायता करते हैं—भावार्थ में निर्णायकों के समान—और कार्यवाही की निष्पक्षता के लिए उनका विधिसम्मत चयन महत्त्वपूर्ण है। यह प्रावधान, पुराने IPC धारा 229 की निरंतरता में, किसी व्यक्ति द्वारा बेईमानी से स्वयं को उस भूमिका में घुसाने से सुरक्षा देता है, जो मुकदमे के परिणाम को विकृत कर सकता है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: आज के साधारण भारतीय आपराधिक मुकदमों में मूल्यांकनकर्ताओं (assessors) का काम निर्णायक-मंडली जैसा चलता है—यह कथन तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।

    तथ्य: भारत में निर्णायक-मंडली (jury) परीक्षण दशकों पहले समाप्त कर दिए गए; मूल्यांकनकर्ता (assessors) केवल सीमित और विशिष्ट परिस्थितियों में ही प्रयुक्त होते हैं, इसलिए यह अपराध आजकल विरल ही लागू होता है।