Skip to content
सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 218

Resistance to taking of property by lawful authority of a public servant

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह प्रावधान एक लंबे समय से विद्यमान नियम (मूल रूप से Indian Penal Code, 1860 की Section 183) की निरंतरता है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैध सरकारी कार्य—जैसे कर वसूली, सीमा-शुल्क जब्ती, न्यायालय द्वारा आदेशित कुर्की, या पुलिस द्वारा साक्ष्य की ज़ब्ती—नागरिकों द्वारा हिंसक या बलपूर्वक अवरोध के बिना संपन्न हो सकें। यह निजी संपत्ति के सम्मान और राज्य की वैध आदेशों को सुचारु रूप से लागू करने की आवश्यकता के बीच संतुलन साधता है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: आप कभी भी किसी भी सरकारी अधिकारी द्वारा आपकी संपत्ति लिए जाने का प्रतिरोध नहीं कर सकते।

    तथ्य: यह कानून केवल उस प्रतिरोध को दंडित करता है जो वैध अधिकार के तहत कार्य कर रहे लोक सेवक के प्रति किया जाए। यदि स्वयं जब्ती ही अवैध या अनधिकृत है, तो यह धारा स्वतः लागू नहीं होती।

  • मिथक: कानून लागू होने के लिए आपको अधिकारी का सटीक पद या विभाग पहचानना अनिवार्य है।

    तथ्य: इसके लिए केवल इतना पर्याप्त है कि आपको पता था या मानने का कारण था कि संपत्ति लेने वाला व्यक्ति सार्वजनिक पद पर आसीन होकर आधिकारिक कार्य कर रहा है—यह आवश्यक नहीं कि आप उसका विशिष्ट पदनाम या विभाग जानते हों।