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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 182

Making or using documents resembling currency-notes or bank-notes

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

मुद्रा‑नोट जनविश्वास पर टिके होते हैं—लोग उन्हें इसलिए स्वीकार करते हैं क्योंकि वे अधिकृत और नकल करना कठिन लगते हैं। आधुनिक प्रति‑वंचना तकनीक से बहुत पहले भी विधि‑निर्माताओं को आशंका थी कि ‘मज़ाक’ या ‘नवीनता’ वाले नोट, विज्ञापन, या ऐसे प्रॉप जो असली मुद्रा की बारीकी से नकल करें, लोगों को भ्रमित कर सकते हैं या असली के रूप में चला देने के लिए दुरुपयोग हो सकते हैं। यही जोखिम कम स्तर पर निशाना बनाने के लिए यह उपबंध, जो पुराने Indian Penal Code की धारा 489-D से लिया गया है, बनाया गया—यह वास्तविक मुद्रा‑जालसाज़ी से (जिसे अन्यत्र कहीं अधिक कड़ी सज़ा मिलती है) नहीं, बल्कि केवल इतने समान दिखने वाले दस्तावेज़ों से सम्बंधित है जो धोखा देने लायक हों, जैसे फ़िल्मों, खेलों या ठगी में प्रयुक्त नक़ली नोट।

न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं

इसी समान पूर्ववर्ती प्रावधान (IPC धारा 489-D) के तहत, भारतीय न्यायालयों ने सामान्यतः कहा है कि समानता इतनी निकट होनी चाहिए कि वह एक साधारण व्यक्ति को वास्तविक रूप से धोखा दे सकने की क्षमता रखे—अवास्तविक आकार, सुरक्षा‑विशेषताओं का अभाव, या स्पष्ट ‘नमूना’/‘प्रॉप’ चिह्न वाले नोट या दस्तावेज़ आमतौर पर इसके दायरे में नहीं आते। न्यायालयों ने इसे गम्भीर मुद्रा‑जालसाज़ी अपराधों से अलग एक हल्का, केवल जुर्माना‑योग्य अपराध माना है, और भारी धाराएँ उन मामलों के लिए आरक्षित रखी हैं जिनमें वैधानिक भुगतान‑माध्यम के रूप में चलाने हेतु वास्तविक नक़ली मुद्रा सम्मिलित हो।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: फ़िल्मों, खेल‑तमाशों या शरारत के लिए बनाये गए खेल‑नोट या प्रॉप नोट बनाना हमेशा सुरक्षित है, बशर्ते आप उन्हें खर्च न करें।

    तथ्य: क़ानून का ध्यान इस पर है कि दस्तावेज़ असली मुद्रा से कितनी नज़दीकी समानता रखता है, न कि इस पर कि आपने उसे वास्तव में पैसे की तरह चलाने की कोशिश की या नहीं—यदि वह किसी को धोखा देने लायक काफ़ी मिलता‑जुलता है, तो उसे बनवाना या बनवाने‑भर से भी जुर्माना हो सकता है।

  • मिथक: यह धारा बैंकों को ठगने के लिए प्रयुक्त नक़ली नोटों जैसी गम्भीर मुद्रा‑जालसाज़ी को कवर करती है।

    तथ्य: यह तो केवल उन दस्तावेज़ों के लिए एक हल्का, केवल जुर्माना‑योग्य अपराध है जो मात्र मुद्रा से मिलते‑जुलते हों; असली के रूप में चलाने के लिए मुद्रा‑नोटों की वास्तविक जालसाज़ी अलग प्रावधानों के तहत और कहीं अधिक कठोरता से दंडित की जाती है।