The Constitution of India
अनुच्छेद 264
निर्वचन
निर्वचन — इस भाग में, “वित्त आयोग” से अनुच्छेद 280 के अधीन गठित वित्त आयोग अभिप्रेत है ।]
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
अनुच्छेद 264 भाग बारह की शुरुआत में रखा गया एक संक्षिप्त व्याख्यात्मक प्रविधान है, जो वित्त, संपत्ति, अनुबंध तथा वादों से संबंधित है। कई संविधानों में ऐसे परिभाषा-प्रावधान इसलिए जोड़े जाते हैं ताकि किसी विशिष्ट शब्द के अनेक अनुच्छेदों में बार‑बार प्रयोग से भ्रम न पैदा हो। चूँकि भाग बारह संघ और राज्यों के बीच वित्तीय संबंधों—जैसे अनुदान और राजस्व-वितरण—पर चर्चा करता है, तो निर्माताओं ने स्पष्ट कर दिया कि ‘वित्त आयोग’ का अर्थ पूरे भाग में एक ही निश्चित संस्था रहे: वह निकाय जो अनुच्छेद 280 के अंतर्गत बनाया जाता है, न कि कोई अन्य अनौपचारिक या साधारण क़ानून के तहत गठित वित्तीय समिति या आयोग।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: अनुच्छेद 264 वित्त आयोग की रचना करता है या उसे शक्तियाँ देता है।
तथ्य: यह आयोग का निर्माण नहीं करता; यह केवल भाग बारह के भीतर इस शब्द की परिभाषा स्पष्ट करता है। वास्तविक वित्त आयोग अनुच्छेद 280 के तहत स्थापित होता है।